मृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला, प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊंगा प्याला; पहले भोग लगा लूं तुझको फिर प्रसाद जग पाएगा; सबसे पहले तेरा स्वागत करती मेरी मधुशाला । 1 । प्यास तुझे तो, वि… more →
જયદીપનું જગતJaydeep wrote 2 years ago: मृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला, प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊंगा प्याला; पहले भोग ल … more →