(कॄष्णपर्व नाटक का गीत) छेडो़ न कान मोहे नटख़ट गोपाल तोहे बंसी की सों तोहे बंसी की सों गोरी दीवानी मोरी राधा रंगीली थोरी सुनियो मोरी ना दीजो बंसी की सों मोहे बंसी की सों… आवे तूं पास जावे दे दई … more →
Sanjay V Shah's Blognikipedia wrote 3 months ago: yuf ctsw aem Au lu yuf ctsw Jtkm¤e Au, yu bthtu Jtkf fu buk cuW aeòu mtkC¤e Au! yrlj atJzt … more →
egujarati wrote 4 months ago: (कॄष्णपर्व नाटक का गीत) छेडो़ न कान मोहे नटख़ट गोपाल तोहे बंसी की सों तोहे बंसी की सों गोरी दीवानी म … more →